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बेटे ने चोदी अपनी मम्मी की चूत Best Kamukta Story

यह सेक्स स्टोरी मेरी स्टेप मम्मी की चुदाई की है. मेरी मम्मी बहुत सेक्सी हैं. पापा घर से बाहर रहते हैं तो मुझे लगता था कि उनकी प्यासी जवानी लंड के लिए तरसती होगी. दोस्तो, मेरा नाम सोनू है. मैं 20 साल का हूँ. मेरे घर में कुल 4 लोग हैं. मेरी दीदी कुसुम 22 साल की, मम्मी कुन्ती 36 साल की और पापा. मेरे पापा की उम्र 48 साल है, वे दूसरे शहर में जॉब करते हैं तो वो महीने में दो दिन के लिए ही घर आते हैं. मम्मी मेरी सगी मम्मी नहीं हैं. मेरी सगी मम्मी लापता हो गयी थी तो मेरे पापा ने अपने से 12 साल छोटी लड़की जो गरीब घर की थी, से शादी कर ली थी. मेरी मम्मी देखने में एक 30-32 साल की सेक्सी औरत लगती हैं. उसे देखकर किसी बूढ़े के दिल में भी अरमान जाग जाएं. उनका साइज 38-24-36 है. फिर मैं तो एक जवान लड़का हूँ, जो उसे हमेशा देखा करता था. मेरी इस बात से आप लोग सोच सकते हैं कि मेरी क्या स्थिति हो रही होगी. मैं हमेशा उसे घूरता रहता था. घर में मम्मी साड़ी पहनती हैं, उनके सभी ब्लाउज डीप कट वाले होते हैं. उनको पीछे से देखने पर उनके बड़े बड़े चूतड़ों के पहाड़ दिखते हैं. पीछे से ब्लाउज की एक पतली सी पट्...

मेरी प्यास बुझा दो न प्लीज

मेरा नाम राहुल है. मैं एक माना हुआ पेंटर हूँ. मेरे नाम से ही पेंटिंग्स हजारों रुपयों में बिकती है. मेरी शादी शहर के सबसे राईस परिवार की लडकी करीना के साथ हुई थी. करीना मेरे रुतबे के कारण प्रभावित हुई और हमारी शादी हो गई. करीना बेहद खुबसूरत है. ये बात अलग है कि उसका स्वभाव बहुत ही अलग है. मैंने शादी के बाद से उसकी अनगिनत पेंटिंग्स बनाई है. उकी जिद से मैंने उसकी दो न्यूड पेंटिंग्स भी बनाई थी. वो उस दौरान पूरे पूरे दिन बिना कपड़ों के मेरे सामने स्टूडियो में बैठी रहती जिस मुद्रा में मैं चाहता उसी मुद्रा में. उन दिनों मेरे दो ही काम होते थे. या तो करीना की पेंटिंग बनाना या करीना के साथ सेक्स का आनंद उठाना. करीना को दावतें देने का बहुत शौक था. मैं भी उसे मना नहीं करता था. लेकिन एक बार ऐसी ही एक दावत में वो एक विदेशी टूरिस्ट लड़के से मिली और उसे लेकर हमारी हवेली के एक कमरे में चली गई. मुझे यह खबर हमारे घर के एक नौकर ने बताई. जब मैं उस नौकर के बताये कमरे में गया तो मैंने देखा कि करीना और वो अंग्रेज लड़का पूरी तरह से नंगे हैं और जमीन पर बिछे कालीन पर लेटे हुए सेक्स कर रहे हैं. मेरा खून खौल गया. मैं कमरे में घुसा और उस लड़के को ननगा ही खींच कर बाहर ले आया और उसे मारते हुए हवेली के बाहर फेंक आया. करीना मुझ पर चीख पड़ी. उस दिन के बाद हम दोनों के रिश्ते बहुत नाजुक दौर में पहुँच गए. हमामे बात चीत बंद हो गई. वो अब बिना मुझे बताये कभी भी बाहर चली जाती. मैं परेशान रहने लगा. मुझे फ्रांस के लिए कुछ न्यूड पेंटिंग्स बनाने का आर्डर मिला. मैं मोडलों की तलाश में मुंबई और दिल्ली गया. अंत में मुंबई से दो लडकीयों से सारा सौदा तय कर उन्हें अपने साथ ले आया. उन्हें मेरे सामने वाले कमरे में ही ठहरा दिया. करीना को मैंने दोनों लड़कीयों मोना और नेहा से मिलवाया. करीना को मैंने सब कुछ बता दिया. मुझे करीब बीस पेंटिंग्स बनाने का आर्डर मिला था. यह काम करीब तीन महीने चलने वाला था. सबसे पहले मोना की पेंटिंग्स बनानी शुरू की. मोना गोवा से थी और एंग्लो इंडियन थी. उसके जिस्म के कर्व ऐसे खतरनाक थे कि कोई भी बहक जाए. मुझे तो उसे तीन महीने तक बिना कपड़ों के देखना था. जब मैं उसकी पेंटिंग बनाता तो नेहा भी कभी कभी मेरे पास बैठ जाती. कभी कभी मोना के कुछ हिस्सों को मुझे chhuna भी पड़ जाता. लेकिन मोना बिलकुल भी बुरा नहीं मानती. वो ज्यादातर मुस्कुरा देती. करीब एक सप्ताह में मोना की एक पेंटिंग पूरी हो गई. अब मैंने नेहा की पेंटिंग बनानी शुरू की. नेहा का जिस्म मोना जैसा घुमावदार तो नहीं था लेकिन मोना से ज्यादा गदराया हुआ था. पता नहीं कैसे लेकिन पहले ही दिन नेहा के सभी कपडे उतारे जाने के बाद मेरी जब नेहा से नजर मिली तो नेहा ने भी मेरी ही तरह देखा. आँखों में कुछ अनजाने से बिना किये इशारे हो गए. रात को मैं और करीना सोये हुए थे. यहाँ मैं यह बता दूँ कि उस अंग्रेज लड़के के घटना के बाद मेरा करीना से निस्मानी सम्बन्ध नहीं हुआ था. मैंने देखा कि मेरे सामने वाले कमरे की लाईट रात को एक बजे के बाद भी जल रही है. इस कमरे में तो नेहा और मोना दोनों रुकी हुई थी. मैं उठकर बाहर आ गया. मैंने देखा कि दरवाजा खुला हुआ है. मैं कमरे में दाखिल हुआ. मोना तो खर्राटे भर सो रही थी. नेहा जाग रही थी. मैंने जैसे उसकी तरफ देखा तो मेरी उससे नजर मिल गई. वो पलंग से उठी और मेरे पास आ गई. मैंने उसका हाथ पकड़ लिया. मैं और नेहा उस कमरे से बाहर आ गए. मेरे बगल में एक और कमरा खाली था. यह मेरा पेंटिंग्स का स्टोर था. दीवारों पर पेंटिंग्स ही पेंटिंग्स टंगी हुई थ. एक कोने में एक बहुत ही पुँराना पलंग बिषा हुआ था. मैं और नेहा उस पलंग पर लेट गए. हमने धीरे धीरे अपने सारे कपडे उतार दिए और हम बिस्तर हो गए. पहली ही बार में नेहा ने मेरे गुप्तांग को अपने चूत में घुसाने की बात की और मैंने भी उसकी बात मान ली. हमने सारी रात साथ बिताई. सवेरा होने से पहले हम अपने अपने कमरे में आ गए | आप लोग यह कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | किसी को कोई पता नहीं चला. . पेंटिंग बनाते समय भी जैसे ही मोना कमरे से बाहर चली जाती मैंने नेहा के नंगे शरीर से कहलें लग जाता. इस तरह से नेहा की पहली पेंटिंग बारह दिनों में पूरी हो पाई इन बारह दिनों में हमने सात रातें साथ साथ बिताई. मोना की दूसरी पेंटिंग बननी शुरू हुई. पहली बार करीना स्टूडियो में आई. मोना एक सोफे पर बहुत ही उत्तेजित कर दे वाली मुद्रा में लेटी हुई थी. नेहा मेरे बगल में ही बैठी हुई थी और मैं पेंटिंग बना रहा था. करीना कब अन्दर आकर खड़ी हुई मुझे पता नहीं चला. मेरी पीठ दरवाजे कीतरफ थी इसलिए. मोना ने अब मेरे कहे अनुसार अपनी पीठ मेरी तरफ की हुई थी. मैंने पेंटिंग अनाते बनाते नेहा के तरफ एखा. नेहा ने मुझे आँख मारी. मैं बिना यह देखे कि करीना दरवाजे के पास ही खड़ी हुई है; नेहा के पास गया और उसके होंठों को चूमने लग गया. नेहा ने भी मेरे गालों को अपने हाथों से दबाया और मुए ही वापस उसी गर्मी से चूमा. करीना ने अपना गला खंकारा. मैंने चौंक कर करीना की तरफ देखा लेकिन बिलकुल नहीं घबराया.मैंने नेहा के होंठ चूमना जारी रखा. करीना चीखती हुई बाहर चली गई. मोना और नेहा दोनों घबरा गई. इस दौरान मोना ने भी मुझे और नेहा को एक दूजे को चूमते हुए देख लिया. वो हमें देखकर मुस्कुराई. मोना ने एक तौलिउया अपने बदन पर डाला और मेरे करीब आकर बोली ” मैंने क्या कुसूर किया है जो मैं इससे अलग हो गई हूँ.” मैंने मुस्कुराया और मैंने उसके होंठ भी चूम लिए. अब मैं एक रात मोना के साथ तो दूसरी रात नेहा के साथ गुजारने लगा. करीना ने मुझसे खूब झगडा किया. मैंने उसे साफ़ कह दिया जब वो मेरे होते हुए किसी और से अपनी भूख मिटा सकती है तो मैं भी ऐसा कर सकता हूँ. मोना और नेहा के साथ चार महीने बीत गए और मेरा काम पूरा हो गया. मोना और नेहा वापस मुंबई लौट गई. मैं एक बार फिर अकेला हो गया. एक दिन मैं कहीं बाहर से लौट रहा था कि मैंने देखा कि करीना दो तीन गाँव की औरतों से बात कर रही है. मेरे पूछने पर उसने बताया कि दो दो नौकर छोड़ कर चले गए हैं. सारा काम ठहर गया है. मैंने एक पहचान वाले आदमी को बुलाकर नौकरों का इंतजाम करने को कहा. वो आदमी तुरत दो मर्दों और तीन औरतों को ले आया. मैंने बिना करीना को बात या पूछे दो मर्द पक्के कर लिए. बाद में एक और औरत आई. वो एक आदिवासी युवती थी. जवान थी. गज़ब का जिस्म था. खूब कसा हुआ. किसी पहलवान के जैसा. रंग सांवला लेकिन शक्ल सूरत बहुत ही सेक्सी. मैंने उसे भी रख लिया. मैंने उस औरत को मेरे स्टूडियो और स्टोर रूम के सफाई का काम सौंप दिया. मैं सारा दिन उस युवती जिसका नाम नीता था; देखता रहता. वो केवल एक बहुत ही कसा हुआ ब्लाउज पहनती. नीचे बड़े ही अजीब तरह का लहंगा जो घुटनों तक की उंचाई का था. मैं उसकी टांगें देख देखकर पागल हो उठा. उसका सीना तो जैसे दो बम के गोले थे जो कभी भी ब्लाउज फाड़कर बाहर आ सकते थे. मैंने उसे एक दिन सफाई करते वक्त कुछ पेंटिंगों पर टंगे कपडे भी बदलने को कहा. ये सभी न्यूड पेंटिंग्स थी. उसने जैसे ही वे पेंटिंग देखी उसने मेरी तरफ देखा. मैं मुस्कुरा दिया. वो बड़े गौर से सभी पेंटिंग देखने लगी. मैंने उसे फिर सेक्स करते हुए जोड़ों के कई पेंटिंग्स दिखाई. अब नीता की सांस तेज चलने लगी. उसके माथ एपर पसीना आ गया. पसीने की बूंदों से वो और भी सेक्सी लगने लगी थी. मैंने मौके का फ़ायदा उठाना इ ठीक समझा. मैंने उसके करेब गया और उसे कसकर अपनी बाहों में ले लिया. नीता ने कुछ नहीं कहा. वो केवल पेंटिंग देखती रही. मैंने उसे कहा ” नीता; अच्छा लग रहा है ना.” नीता मुस्कुराकर बोली ” आपने मुझे ऐसे पकड़ा है ना ये बहुत अच्छा लग रहा है.” बस अंधे को क्या चाहिये दो आँखें. मैं नीता को लेकत बिस्तर पर आ गया. मैं नीता पर लेट गया. मैंने जैसे ही उसके ब्लाउज को छुआ तो किसी के ऊपर आने की आहट सुनाई दी. मैंने नीता को यह कहते हुए कि कोई आ रहा है; बाहर जाने को कह दिया. नीता बाहर चली गई. वो करीना ही आई थी. अगले एक सप्ताह तक मुझे नीता को दबोचने का मौका नहीं मिल पाया. करीना को शक हो गया था. उस दिन सवेरे से लगातार बारिश हो रही थी. दोपहर को नीता सफाई करने के बाद बरामदे में कपडे हटाते वक्त बारिश में पूरी तरह से भीग गई. वो मेरे कमरे के सामने से गुजरी. मैंने देखा उसका लहंगा इस कदर भीग गया था कि उसकी जाँघों के साथ साथ उसके गुप्तांग वाला हिस्सा भी उस सफ़ेद झीने लहंगे से अपने सारे उभारों के साथ मुझे दिख रहा था. उसके स्तनों पट पानी की बूंदें अभी भी चमक रही थी. मुझे अब होश नहीं रहा मैं उसे अन्दर हाथ पकड़कर खींच लिया और दबोचकर पलंग के ऊपर ले गया. मेरी इच्छाएं इस कदर पागल हो गई थी कि केवल एक मिनट के अनादर हम दोनों पूरे नंगे हो गए थे. मैं नीता को लगातार चूमे जा रहा था. नीता भी मचल मचलकर अपना जिस्म चुमवाती जा रही थी. अंत मैं मैंने नीता की टांगों को अपने हाथों के जोर से एला दिया और अपने लिंग को उसकी जाँघों के बेच फंसा दिया. नीता को अच्छा लगा. अमीन जैसे ही अपने लिंग को उसके चूत में डालने को हुआ कि ना जाने कहाँ से करीना कमरे में आ गई और हम दोनों रंगे हाथों पकडे गए. करीना जोर जोर से चीखने लगी. नीता घबरा गई. लेकिन मैंने उसे शांत रहने को कहा और उसके चूत में अपना लिंग डाल ही दिया. नीता जोर से चीखने लगी. ये उसका पहला संभोग जो था. करीना गुस्से से पागल हो गई. उसने मुझे और नीता को अपने हाथों से मारना शुरू कर दिया. लेकिन मैंने नीता को नहीं छोड़ा और अपना लिंग उसके चूत के अन्दर बाहर करता रहा. नीता लगातार अब जोर जोर से आहन भरने लगी थी. उसे आननद आ रहा था लेकिन नीता करीना की मारसे काँप भी रही थी. अब करीना मुझसे हाथापाई पर उतार आई. इसी हाथापाई में करीना का कुर्ता फट गया और नीचे का पायजामे का नादा भी टूट गया. उसका पायजामा खुलकर नीचे गी पडा. करीना ने आज अन्दर पैंटी नहीं पहनी थी. अब वो मेरे सामने केवल ब्रा में खड़ी थी. मैंने उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया. तभी नीता जोर से चीखी और मेरे लिंग ने उसके चूत के भीतर पिचकारी चला दी. करीना लाल लाल आँखों से हमने घूरते हुए अपने कमरे में चली गई. थोड़ी देर के बाद मैंने नीता को छोड़ दिया. नीता ने दूसरे कपडे पहने और नीचे पलंग पर बेजान सी लेट गई. उसे तुरंत ही नींद आ गई. अगले दिन करीना ने नीता को अपने कमरे में बुलाया और अपने जिस्म की मालिश करने को कहा. करीना अपने सारे कपडे उतार कर पलंग पर लेट गई. उसने नीता से भी सभी कपडे उतारकर मालिश करने के लिए कहा. नीता भी अब पूरी तरह से नंगी हो गई और तेल लेकर करीना के बहुत ही गोरे गोरे और चिकने सपाट जिस्म की मालिश करने लगी. नीता को भी करीना का जिस्म बड़ा ही अच्छा लग रहा था और वो भी किये जा रही थी. करीना दरअसल नीता को खुद के पास रोक कर मुझसे दूर रखना चाह रही थी. जब नीता ने करीना के पीछे के हिस्से की मालिश करचुकी तो कषमा सीधी लेट गई. करीना के उभ्रेहुए स्तन नीता को रोमांचित कर गए, उसने स्तनों की मालिश सबसे पहले आरम्भ की. इसके बाद उसने करीना की टांगों और फिर जाँघों तथा आखिर में पिंडलीयों की मालिश की. नीता करीना के कहने पर एक बार फिर उस्केतानोंकी मालिश करने लगी. मैं काफी देर से यह सब दरवाजे की ओट से रहा था….

कहानी जारी है 

गताग से आगे…  नीता करीना के सतनों को मसलते हुए थोडा तेल लगाने के लिए थोड़ा झुकी. उसने जैसे ही तेल स्तनों पर गिराया करीना ने नीता को खींच कर अपने सीने से लगा लिया और अपने हाथों से उसके सीने को अपने सीने से सटकर दबा दिया.नीता हाकी बक्की हो गई. उसने शायद ऐसा कभी नहीं सोचा होगा. करीना ने अब नीता को खुद से लिपटाया और उसे ऐसे ही लेटे रहे का आदेश दिया. अब करीना ने तेल की चिकनाई का फायदा उठाकर अपने सीने से नीता के सीने को आपस में रगड़ना शुरू कर दिया. नीता को भी इसमें आनंद आने लगा और वो भी अपना पूरा सहयोग देने लगी. मेरे लिए ये एक चिंता का विषय बन गया. नीता करीना के नाजुक और मुलायम जिस्म को छोड़कर मेरे पास कभी नहीं लेतेगी. कामसूत्र में भी शायद ऐसा लिखा गया है कि जब दो औरतों के जिस्म आपस में मिलते हैं तो पूरे ब्रह्माण्ड का सबसे नाजुक और देखने लायक नजारा होता है | आप लोग यह कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | मैंने देखा कि अब दोनों एक दूजे को चूमने भी लगी है. मैं उन दोनों को करीब दस मिनातोंतक देखता रहा और फिर गुस्से में अपने पैर पटकता हुआ अपने कमरे में आ गया.. देर शाम को वही हुआ जिसका मुझे डर था. नीता मरे स्टूडियो के सफाई कर रही थी. मैंने उसे अपने साथ पलंग पर आने का इशारा किया. नीता ने कहा ” नहींराहुल; बीबीजी जारज हो जायेगी. आज जब मैंने उनकी मालिश करी तो मुझे बहुत भाया. बहुत मीठा लगा. कितना गोरा और रसीला अंग है बीबीजी का. मुझे उनका साथ बहुत मीठा लगा है. ” मैं अपने हाथ पलंग पर मारने लगा. रात ओ मैं चोरी-छुपे करीना के कमरे में जाकर छुप गया. करीना नीता को लेकर कमरे में आई. दोनों ने एक दूजे के सभी कपडे उतारे. नीता ने एक बार फिर करीना का मसाज किया. करीना ने फिर से नीता को बाहोंमे भरा और पलंग पर लेट गई. दोपहर ही की तरह चूमना चलता रहा. इसके बाद तो हद ही हो गई. करीना ने नीता के चूत में अपनी उंगली डाल दी. वो ऊँगली को अंडर बाहर करने लगी. नीता तड़पने लगी. करीना उसे जगह जगह चूमने लगी. नीता को इससे असीम आनद आने लगा. करीना ने नीता को बैठने को कहा. नीता बैठ गई. करीना की ऊँगली उसके चूत में ही घूम रही थी. करीना ने अपने दूसरे हाथ से नीता का हाथ पकड़ा और उसकी ऊँगली खुद के चूत में डलवा ली. अब दोनों एक दूजे के चूत में ऊँगली डालकर एक दूजे को आनंद देने लगी और खुद भी आनंदित होने लगी. कुछ ही देर के बाद दोनों ने एक दूजे को कसकर पकड़ लिया और मैं समझ गया के अब आनंद पूरा हो गया है और दोनों के चूत पूरी तरह से लबालब भरकर गीले हो गए हैं और थोड़ी मलाई बहकर बाहर भी आनी शुरू हो गई है. अब करीना ने नीता को खुद से लिपटा लिया और उसे अपनी बाहों में भरकर लेट गई. मैं समझ गया कि अब नीता कभी भी मेरे पास नहीं आएगी. इसके बाद मैंने कई बार नीता को बहलाया ; फुसलाया और कई तरह के लालच दिए लेकिन नीता नहीं आई. करीना कहने पर अब नीता ने मेरे स्टूडियो और दसरे कमरों म सफाई का काम भी करना बंद कर दिया. मैं बहुत उदास हो गया. मैंने अपन आदमीयों से कई औरतें बुलवाई लेकिन मुझे एक भी पसंद नहीं आई. मुझे एक मौका और मिला.ग्वालियर के एक बड़े घराने से मुझे कुछ न्यूड पेंटिंग्स बनाने का ऑर्डर मिला. मोना तो कहीं और गई हुई थी. नेहा तुरंत आने के लिए तैयार हो गई. मैंने नेहा को अपने साथ एक और लड़की लाने के लिए कहा. नेहा आ गई. उसके साथ करीब सत्रह साल की एक पहाड़ी लड़की थी. नेहा ने उसका नाम निशा किमना बताया. निशा सत्रह साल की उमर में ही पूरी जवान दिख रही थी. करीना और नीता मुझ पर कड़ी नजर रख रही थी. उन दोनों का पहरा इतना कडा था कि मेरा काम दस दिनों में काफी हद तक पूरा हो गया था लेकिन मैं नेहा के साथ एक बार भी बिस्तर में नहीं जा पाया था. निशा को तो छु भी नहीं पाया था जबकि निशा मुझे अपने स्तन दिखा दिखाकर ललचाती रहती. नेहा ने मुझे बताया था कि निशा ने कई मर्दों से सेक्स किया हुआ है. मेरा नेहा और निशा के साथ काम पूरा हो गया. मैंने उन दोनों को आसपास के जंगलों की सैर का सुझाव दिया. दोनों ही मान गई. मैं करीना को बिन बताये दोनों के साथ जीप और कुछ जरुरी सामान लेकर निकल पड़ा. हमने एक पुराने किले में अपना तम्बू लगा दिया. निशा नेहा और मैं उस तम्बू में बंद हो गए. निशा तो जैसे सेक्स के लिए तड़प रही थी. वो अपने कपडे उतारकर मुझे ऐसी चिपटी कि मैं और नेहा उसे देखते रह गए. उसने मेरे लिंग को अपने जानांग में इस कदर फंसाया कि उसकी ऊम्र सत्रह साल की है शक होने लगा. निशा ने मेरे लिंग को करीब एक घंटे के बाद छोड़ा. इसके बाद नेहा की बारी थी. नेहा ने भी एक घंटे तक मेरे साथ सेक्स किया. फिर हम घुमे. शाम को एक बाद फिर हमने खुले में ही सेक्स किया. हरी घास को ही बिस्तर बना लिया. रात को भी तम्बू में हम तीनों ने एक साथ सेक्स किया. सवेरे पास एक पहाड़ी नदी में हम नहाने चले गए. निशा ने उसी नदी में मेरे साथ पानी के अन्दर सेक्स किया. पानी की तेज बहती धर में सेक्स करने का एक अलग ही मजा आया. दोपहर को खाने के बाद हम तीनों बिना कपड़ों के ही घास पर लेट गए. करीना ने नीता के साथ मिलकर हमें बहुत खोजा लेकिन हम नहीं मिले. शाम के करीब चार बजे थे | आप लोग यह कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | मैं अपनी जीप को अब हमारे शहर से थोड़ी दूर एक छोटे पहाड़ी कसबे की तरफ मोड़ लिया. इस कसबे में हमारा एक खानदानी कोठी है. मैंने नेहा और निशा से जब यह बताया तो उन दोनों ने ख़ुशी समुझे चूमते हुए कहा कि अगले दो दिन हम यहीं रुक जाएँ तो बेहतर होगा. मैं भी तैयार हो गया. देर शाम को हम वहाँ पहुँच गए. अंधरा हो चला था. इस गाँव में बिजली नहीं थी. हर तरफ केवल अँधेरा. अँधेरे का लाभ उठाकर नेहा और निशा आपस में खेलने लगी. एक दूसरे के शरीर के जिस्म को चुटी या गुदगुदी करती और भाग जाती. धीरे धीरे उन्होंने एक दूसरे के कपडे भी उतार दिए. अब वे दोनों केवल ब्रा और पैंटी में ही रह गई थी. खुले बरामदे में दो लालटेनें जल रही थी…

कहानी जारी है

गताग से आगे … उसकी रौशनी में दोनों के जिस्म सोने जैसे चमक रहे थे. अब उन दोनों ने मुझे भी इस खेल में शामिल कर लिया और मेरे भी कपडे खोल दिए. उस बरामदे में एक झुला टंगा हुआ था. झुला क्या था एक पूरा पलंग था. आपस में चिपट कर सोये तो तीन जाने समा जाए. मैं नेहा को लेकर झूले में आ गया. निशा हवा का मजा लेने लगी और इधर मैं और नेहा सभी कपडे उतारकर संभोग में लिप्त हो गए. गाँव का शुद्ध वातावरण और ठंडी हवा में एक अलग ही मजा आ रहा था. निशा ने जब देखा कि मैं और नेहा काफी कर चुके तो उसने नेहा को मुझे छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा ” अब मेरी बारी है. तुम दोबारा रात को आजाना.” अब निशा मेरे साथ थी. नेहा उस झूले से उतरी नहीं बालक हम दोनों को एकदम करीब से देखने लगी. कभी कभी वो अपने हाथ को मेरे लिंग और निशा के चूत के बीच में ले आती और हम दोनों को गुदगुदी कर एक अलग मजा देने लग जाती. जब हम सभी थक गए तो तीनों आपस में लिपट कर सो गए. कुछ देर के बाद किसी के आने की आहट सुनाई देने लगी. मैंने नौकर को ऊपर आने से मना कर रखा था. तो फिर कौन हो सकता है. मुझे अचानक ऐसा लगा कि करीना पहुँच गई है. हम तीनों ने जल्दी जल्दी अपने कपडे पहन लिए. मेरा शक्साही निकला. वो करीना ही निकली. नीता भी उसके साथ थी. मैं चौंक गया. मरिश्मा नेहा के करीब गई. उसने नेहा को गुस्से से देखा और बोली ” तुम और ये पहाड़ी बिल्ली कल सवेरा होने के बाद यहाँ से निकल जाना नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा. ” मैंने करीना से कहा ” तुम इन्हें नहीं निकाल सकती. ये मेरी मेहमान है.” करीना मेरे सामने आ गई. उसने फुफकारते हुए कहा ” मैं रात को यहीं रुकने वाली हूँ. देखती हूँ तुम इन दोनों को कैसे रोकते हो” इस बार तो करीना के इस गुस्से से मैं भी पहली बार डर गया था. नेहा और निशा उदास हो गई. हम तीनों की रात जो खराब हो गई थी. अब हम पाँचों एक ही बरामदे में बैठे थे. सभी खामोश थे. एक गहरा सन्नाटा था. रात को हमने खाना खाया. रात को हम सभी सोने चले गए. नेहा और निशा एक कमरे में; नीता और करीना दूसरे कमरे में; तीसरे और अंतिम कमरे में मैं अकेला. आधी रात को निशा हिम्मत कर मेरे पास आ गई. नेहा तो करीना से ऐसा दरी कि खाने के बाद तुरंत वो गहरी नींद में सो गई. निशा आते ही मुझसे लिपट गई. वो बोली ” इससे पहले कि दिन निकल आये एक बार तो मेरे निचले हिस्से की प्यास बुझा दो.” निशा ने तुरंत मेरे और खुद के कपडे उतारे और निशा मेरे उपट बीत गई. उसने बैठे बैठे ही मेरे कडक होकर खड़े हुए लिंग को अपने चूत में ले लिया. अपने को ऊपर नीचे कर वो मेरे लिंग को अपने चूत में अन्दर बाहर कने लगी. ऐसा करने से उसके मुंह से आवाजें भी आने लगी. हम दोनों यह भी भूल गए कि शान्ति इतनी ज्यादा है कि ये आवाज कहीं भी जा सकती है. नीता और करीना ने क्या योजना बनाई थी मुझे नहीं पता. उन दोनों ने यह आवाज सुनी. नीता मेरे कमरे में आ गई. निशा अभी भी उसी तरह से आवाज निकालते हुए सेक्स का मजा ले रही थी. मैंने नीता को देखा. नीता ने मेरे सामने अपने कपडे उतार दिए. मैं नीता के लिए पागल तो था ही; नीता के सा तरह से कपडे उतारते ही मेरा लिंग और बड़ा , कड़क और लंबा हो गया. निशा को और भी मजा आने लगा. वो अब और ज्यादा उंचा उठने लगी. करण मेरा लिंग और थोडा बढ़ गया था. जैसे ही निशा का चूत मेरे लिंग कि मलाई से गीला हुआ मैंने निशा को पलंग पर लिटाया और नीता को बुलाया. नीता वहीँ खड़ी रही. मैं नीता के करीब गया. नीता ने कहा ” साहब, आप बीबी जी के पास वापस आओ तो ही मैं आपके साथ आने को तैयार हूँ.” मैं नीता की इस बात से हैरान रह गया. तो नीता अब पूरी तरह से करीना के तरफ हो चुकी है. मैं कुछ ओलूं; नीता ने अपने कपडे उठाये और वो ऐसे ही कमरे से बाहर चली गई. मैं उसके पीछे पीछे चलने लगा. नीता करीना के कमरे में चली गई. नीता कमरे में जाने के बाद करीना के पलंग पर लेट गई. करीना पहले ही वहां लेटी हुई थी. नीता ने करीना के बदन से चद्दर हटा दी. करीना निर्वस्त्र थी. नीता उसके जिस्म पर मालिश करने लगी. करीना करवटें बदल बदलकर आहें भरने लगी. कुछ ही देर में नीता और करीना आपस में लिपट गई. इसके आगे का नजारा और भी चौंकाने वाला था. नीता ने करीना के गुप्तांग और चूत को अपने होंठों से चूमना शुरू कर दिया. करीना नीता को लगातार अपनी तरफ खींच रही थी. करीना के हाव भाव से यह साफ़ नजर आ रहा था कि उसके शरीर को किसी मर्द की जरुरत है. अब नीता ने करीना के चूत में अपनी ऊँगली डालकर उसे शांत करने का प्रयास करने लगी. थोड़ी ही देर में करीना ने नीता को अपने से लिपटा लिया | आप लोग यह कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | मैं अब करीना के गुस्से को समाजः गया और साथ ही नीता का करीना की तरफ झुकाव समझ में आ गया. मैं अपने कमरे में लौट आया. सवेरे मैंने अपनी जीप में नेहा और निशा को रवाना कर दिया. मैं करीना के कमरे में आया.करीना और नीता अभी भी सोई हुई थी. अभी भी दोनों निर्वस्त्र थी. मैंने अपने सभी कपडे उतार दिए. मैंने करीना की कमको छुआ. करीना ने आँख खोली और मुझे देखा. मेरी आँखों में पचतावा देखकर उसने मुझे अपने पास आने का इशारा किया. मैं आंसू बहाता हुआ उससे लिपट गया. करीना भी रोने लगी. हम दोनों आपस में लिपट गए और पागलों की तरह बेतहाशा आपस में एक दूजे को जगह जगह चूमने और चाटने लगे. नीता की इससे आँख खुल गई. हम दोनों को साथ देखकर वो भी रोने लग गई. करीना ने मुझे कहा ” नीता को हम हमेशा अपने सात रखेंगे. ये ना होती तो हम दोनों आपस में फिर से नहीं मिल पाते.” करीना ने नीता को हमारी तरफ खींच लिया. करीना ने मुझे दोनों को एक साथ शांत करने के लिए कहा. मैंने पहले करीना के चूत को भेदा फिर नीता को भेदा. करीना ने मुझे फिर दोनों को एक साथ शांत करने का तरीका समझाया. नीता पहले सीधा लेट गई. करीना उसके ऊपर उलटा लेट गई. दोनों ने एक दूजे को होंठों को आपस में मिला लिया. करीना का चूत नीता के जनानाग के ठीक ऊपर था. करीना के कहे अनुसार मैंने अपने लम्बे और कड़क लिंग को उन दोनों के चूतों के मिलने की जगह के बीच में घुसा दिया. इस तरह मेरा लिंग करीना और नीता दोनों के गुप्तांग और चूत के हिस्सों को एक साथ टच कर रहा था. मैंने अपने लिंग को दोनों के उन निचले हिस्सों के दबाव से बने एक नयी डी जगह में अन्दर घुसाना और बाहर लाना शुरू किया. मुझे ये नया तरीका बेहद पसंद आया. हम तीनों जबरदस्त आनद में थे. करीब दस मिनट के बमेरे लिंग ने एक जोर की पिचकारी उस नयी जगह में छोड़ दी | 

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Real Jija Sali Chudai Dosto mera nam Salim he aur me Delhi me rehta hu. Aap dosto ka wqt zaya kiye bgair me kahani par aata hu. Kahani me zyada gandi he galia hen quki ye real sex story h meri shadi ko ik sall ho gea hai. Real Jija Sali Chudai Meri 3 salia hen jo boht pyari aur nazuk hen, unka nam Faiza, Aafia aur Heena hain. Sub ki sub aik se badh kar ak khoobsurat sexy hen, Rang gora lambi height hai. Ikdum idol mall hai jo bhi dekhy chodna chahy. Me kabhi kabhi apne sasural jata to Aafia muje dakhti. Jab me dekhta to nazre chura lati tb mera dil saf tha. Aik din me apny sasural me he tha to mujy pani dane aai to us ne dopatta nahi lia tha. Sayad jan bhuj k jub wo jhuki to us k 36 mummy ochal k bahar ko ane lgy. Mene dekha to din me tare nazar ane lge. Ise Bhi Padhe – Behan Mera Khada Ling Pakadne Lagi Me dakhta he reh geya os ne bra nahi pehna tha, sayad wo full planing kr chuki the. Us ke gore gore mummey pink color k nippls mera dil beiman ho gea. Mujhe pata nahi kia ho raha tha. ...

Jija Ke Mote Lund Ne Mast Pela Mujhe

Desi Sali Ki Chudai Hi Friends, Mera naam Peehu hai or mai Meerut me rahti hun, meri age 25 years hai or mai sadhi sudha hun. Mere husband engineer hain, or hum dono ki sex life bhi thik thak hai or mai kabhi apne husband ke alawa kisi or ke bare me nhi sochti thi. Par achhanak meri life me kuch aisa hua ki ab meri soch badal gayi hai. Ye kahani meri or mere jija ji ke hai mere didi or jija ji Delhi rahte hain unke 2 bachhe bhi hain. “Desi Sali Ki Chudai” Ab mai apne bare me aapko batati hun mera rang gora or achhi hight bhi hai. Mera figure 34,32,38 hai or mai dikhne me kafi sexy hun. To kahani yahan se start hoti hai isi jab mai mere bhai ki sadhi thi, mera mayaka pahado me hai to waha thand bhi bahut hoti hai. Sadi me hum sab log gaye the but mere husband kisi jaroori project ki wajah se humare sath nhi gaye the. Wo sadi ki night me hi aane wale the, didi or jija ji log bhi aaye the. Mehndi ki night me khana kha ke hum sab log mehndi lagane baithe huye the. Us din mere jija ji ne ba...